बातों-बातों मे…. बुजुर्गों का सम्मान

शंकालू – मुंशीजी, पिछल दिनों अंतर्राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस मनाया गया। यह दिवस मनाने का उद्देष्य क्या है? मंुशीजी – शंकालू, हमारी भारतीय दिवस में बुजुर्ग दिवस मनाने की अवधारणा नहीं थी। क्योंकि भारतीय समाज में माता-पिता की देखभाल और सेवा का दायित्व तो संतानों पर ही होता है। लेकिन पाष्चात्य सभ्यता में यह अवधारणा नहीं है। वहां मातृ और पितृ देवो भवः की अवधारणा नहीं है, क्योंकि पष्चिमी देषों में स्त्री और पुरूष दोनों अपने जीवनकाल में कई-कई जीवन साथी बदलते है। किसी स्त्री के एक के बाद एक…

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बातों-बातों मे…. हत्या और राजनीति

शंकालू – मुंशीजी, देष में बलात्कार और हत्या के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इसका मुख्य कारण क्या हैं? मंुशीजी – शंकालू, कारण एक नहीं अनेक है। समाज में भौतिक सुखों की अंधी दौड़ और धर्म तथा आस्था के नाम पर बढ़ता पाखण्ड इसका मुख्य कारण है। अगर समत्वबुद्धि तथा विवेष से भौतिकता की मीमांसा की जाये तो भौतिकता बुरी नहीं हैै। यह भी हमारे जीवन का अंग है। समस्या इसलिए पैदा हुई कि बहुतायत समाज ने भौतिकता को ही सम्पूर्ण जीवन मान लिया है। इसलिए आध्यत्मिकता को तिलांजलि देकर…

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लव जिहाद और धर्म परिवर्तन

हरियाणा राज्य के बल्लगढ़ में काॅलेज की छात्रा निकिता की एक सनकी मुस्लिम यवुक तौसीफ़ ने जिस तरह सरेआम गोली मारकर हत्या की उससे यह तो स्पष्ट हो गया है कि हमारे देष में अपराधी प्रवृत्ति पर अंकुष लगाने के सारे प्रयास व्यर्थ साबित हो रहे हैं। जो बातें सामने आयी है वह चैंकाने वाली है। मुस्लिम युवक निकिता के पीछे वर्षोगं से पड़ा हुआ था। दो वर्ष पहले उसने लड़की का अपहरण किया लेकिन दबाव में छोड़ना पड़ा। पुलिस में मामला दर्ज हुआ था, लेकिन समझौते के नाम पुलिस…

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यौन स्केण्डल की भेंट चढ़ गया साहित्य का नोबल पुरस्कार

यह साल निश्चित रूप से दुनिया के साहित्य प्रेमियों के लिए घोर निराशाजनक है। इस साल के नोबल पुरस्कारों की घोषणाएं हो गई है वहीं अब साफ हो गया है कि इस साल साहित्य के लिए नोबल पुरस्कार नहीं दिया जाएगा। दरअसल इस साल का साहित्य का नोबल पुरस्कार यौन स्केण्डल की भेंट चढ़ गया है। 236 साल के स्वीडिश एकेडमी के गौरवमय इतिहास में यह सबसे बड़ा काला अध्याय माना जाएगा। हालांकि स्वीडिश एकेडमी छुटपुट विवादों में गाहे−बेगाहे रही है। साहित्य का नोबल पुरस्कार 1901 से दिया जाना शुरु…

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गलियां अबरडीन की

स्व. सुरेन्द्र पाल शर्मा टैक्सी-टैक्सी न जाने कितने हाथ उठे, परन्तु वह टैक्सी फर्राटे मारती हुई पास से गुजर गई। संध्या की लालिमा धीरे-धीरे अपना आंचल समेट रही थी। बाज़ार रोशनी की घूंघट ओढ़े अपने साजन की याद जोह रहा था, चाहने वालों का ताँता लगा हुआ था। स्कूटर, कार, फेरीवालों की आवाज़ से बाज़ार अपने जीवन पर था। पोर्ट ब्लेयर की कई गलियों में से ‘‘अबरडीन की गलियां’’, घण्टाघर ने दस बजने का ऐलान किया। लोगों के आने-जाने में स्थिरता आ गई, अब इक्के-दुक्के कार या साइकिल वाले आ…

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नरगुण सिंह ने आत्म हत्या की

श्रीमती कृष्णा वेणी इस टापू में 10 मार्च, 1858 में डाॅ. जेम्स पेटरसन वाकर की निगरानी 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के समय बन्दी बनाए गए जिन दो सौ राज बंदियों को लाया गया था, उनमें राज बंदी संख्या नं. 46 निरगुण सिंह जो गोरी पलटन का सिपाही और बंगाल प्रांत के नादिया जिला का निवासी था। उसने अपनी ही पलटन के विरूद्ध बगावत करने के संगीन अपराध में 31 जुलाई, 1857 को कालेपानी की सजा हो गई थी। मेरे इस टापू में पहुंचने के चैथे दिन बाद दक्षिणी छोर…

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तिरूओणम पर्व व अंडमान में आघोष

डाॅ. मंजू नायर महादानी, ‘महाबली’ केरल राज्य के राजा थे। प्रजाप्रिय महाबली प्रत्येक दिन अपनी प्रजा को दान दिया करते थे। महादानी, महाबली की ख्याति स्वर्ग लोक तक पहुँची। देवताओं में जब महाबली के दानी स्वभाव की चर्चा हुई तो देवताओं ने सोचा कि अब इनकी ख्याति को कम करना आवश्यक है और इसके लिए विष्णु भगवान को चुना गया, जो वामन रूप में महाबली के समक्ष दान लेने के लिए प्रकट हुए। दान प्राप्त करने पहुँचे और दान में तीन पग भूमि महाबली से मांगी। राजा मान गए। प्रजा…

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एक भारत श्रेष्ठ भारत, नई पहल की शुरूआत

देश के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल, जिनका शुरू से ही पूरे भारत को एकता के एक सूत्र में बांधने का सपना था। हालांकि उनके इस सपने को शुरूआती दौर में आमली-जामा पहनाया गया और उनके ही अब तक के प्रयास के चलते देश के विभिन्न रियासतों को एकता के सूत्र में बांध कर रखा गया है। लेकिन उनके इस अधूरे सपने को फिर एक बार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ‘‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’’ अभियान के साथ एक नई पहल की शुरूआत कर रही है। यही वजह…

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मैं राॅस द्वीप हूँ

मैं राॅस द्वीप हूँ, मेरा अस्तित्व इस विश्व में कब और कैसे आया यह मुझको पता नहीं। जब से मैंने होश संभाली है, तब से अपने सम्मुख पोर्ट ब्लेयर के ऐतिहासिक बाजार अबरडीन तथा दूसरी तरफ माउंट हेरियट पहाड़ और खूबसूरत सदाबहार वन क्षेत्र मधुवन को पाया। इतिहास के पन्ने को पलटने से पता चलता है कि एक अंग्रेज अफसर डेनियल राॅस के नाम पर ही मेरा नाम पड़ा, तब से मैं कालेपानी का इतिहास का एक अभिन्न हिस्सा बन चुकी हूं। मैं अपनी कहानी की शुरूआत यानी कि किस…

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