नए कृषि बिल से किसानों को नहीं, बिचैलियों को दिक्कत- एम. विनोद

पोर्ट ब्लेयर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एम. विनोद ने कहा कि नए कृषि बिल से किसानों को नहीं बल्कि बिचैलियों को दिक्कत है। नए कृषि बिल से बिचैलियों की दुकान बंद हो गई है। इसीलिए किसानों को गुमराह किया जा रहा है। वे सोमवार को पार्टी मुख्यालय पर प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि नया कृषि बिल किसानों के हित में है। इससे किसान अपने उत्पाद को कहीं भी बेच सकता है और लाभ कमा सकता है। उन्होंने कहा कि बिपक्षी पार्टियां किसानों को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि आज किसानों के हित की बात करने और इस बिल का विरोध कर रही कांग्रेस पार्टी से मैं पूछना चाहता हूं कि स्वामीनाथन कमेटी को किसने बनाया था।
कांग्रेस पार्टी स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने से डर रही थी, इससे बिचैलियों का रास्ता बंद होने का भय था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बिल को किसानों के हित में ही लागू किया है। उन्होंने कहा कि नया बिल जब संसद के दोनों सदनों में पेश किया गया तो उस समय किसी भी पार्टी ने कोई आपत्ति नहीं की लेकिन अब जब इतने दिन बीत चुका है तो अब किसानों को गुमराह किया जा रहा है।
श्री विनोद ने बताया कि अंडमान तथा निकोबार द्वीपसमूह में इस बिल से किसानों को काफी फायदा हो रहा है। इससे खेतिहर किसानों और मत्स्यकी से जुड़े मछुआरा भाईयों को भी लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा नए कृषि बिल के लाभों को किसानों तक पहुंचाने के बारे में जन जागरण अभियान शुरु किया जा रहा है। इस अभियान के तहत पूरे द्वीपसमूह में बैठक की जाएगी और किसानों को इस बिल के महत्व और लाभ के बारे में जानकारी दी जाएगी।
श्री विनोद ने बताया कि भारतीय किसान मोर्चा ने द्वीपसमूह में किसानों के साथ बैठक करना शुरु भी कर दिया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही किसान महा सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस संम्मेलन में भारत सरकार के कई मंत्री शामिल होंगें। 24 दिसम्बर को छोलदारी और 26 दिसम्बर को डिगलीपुर में भी इसी तरह का किसान सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

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