गृहमंत्री ने माउंट हैरियट का नाम माउंट मणिपुर रख कर मणिपुर के वीर नायको को श्रद्धांजलि दी

पोर्ट ब्लेयर। गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को द्वीपसमूह के माउंट हैरियट का नाम बदलकर माउंट मणिपुर रखा। उन्होंने कहा कि माउंट मणिपुर नाम मणिपुर के वीर उन नायकों के शौर्य, त्याग व बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि होगी, जिन्हे इस टापू पर बंदी बनाकर रखा गया था।

श्री अमित शाह ने कहा कि आज़ादी के अमृत महोत्सव पर आज एक और महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि मणिपुर का 1857 की क्रांति और 1891 में पूरे पूर्वोत्तर में अंग्रेजों को रोकने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मणिपुर ने कभी हार नहीं मानी और वहां के लोग निरंतर लड़ते रहे। मणिपुर एक ऐसा राज्य था जिसने अपना संविधान लागू कर दिया था। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हालाँकि मणिपुर लंबे समय तक अंग्रेजों के क़ब्ज़े में रहा लेकिन मणिपुर के स्वतंत्रता सेनानियों ने हमेशा उनके दाँत खट्टे करने वाली लड़ाई लड़ी। मणिपुर युद्ध के नायक युवराज टिकेंन्‍द्रजीत और जनरल थंगल को इम्‍फाल के फीदा में सार्वजनिक तौर पर फांसी दी गई थी। अंग्रेज़ मानते होंगे कि फाँसी देकर उन्होंने आज़ादी के आंदोलन को कुचल दिया है मगर ऐसा नहीं हुआ। उसके बाद महाराजा कुलचंद्र ध्वज सिंह और 22 स्वतंत्रता सेनानियों को काला पानी भेज दिया गया था और उन्हें यहाँ एक टापू माउंट हैरियट पर रखा गया था। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज उनकी स्मृति में हम माउंट हैरियट को माउंट मणिपुर नाम देकर उनके योगदान का सम्मान करना चाहते हैं। श्री शाह ने कहा कि मणिपुर सरकार यहाँ पर एक अच्छा स्मारक भी बनाना चाहती है, यह स्मारक देश भर के पर्यटकों, युवाओं और नई पीढ़ी को प्रेरणा देगा कि किस प्रकार सीमित संसाधनों के साथ लड़ा जा सकते है। ऐसी लड़ाई जिसमें हार सुनिश्चित थी और यह भी तय था कि या तो फाँसी होगी या काला पानी की सजा मगर फिर भी वे लड़े, मरे और जो बचे उन्होंने यहाँ आकर जेल काटी। श्री अमित शाह ने कहा कि आज़ादी का यही जज़्बा है जिसने हमें आज़ाद हिन्दुस्तान दिलाया है और हम और उन्हें कभी भूला नहीं सकते।

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