शहरी और उप नगरीय बागवानी पर राष्ट्ीय वेबिनार का आयोजन

पोर्ट ब्लेयर। केंद्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान की ओर से हालही में हेल्थ एंड न्यूट्शिन के लिए अर्बन ओर प्री अर्बन हाॅर्टिकल्चर पर राष्ट्ीय वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की आयोजन सचिव डाॅ. पूजा बोहरा ने बताया कि यह आयोजन शहरवासियों के बीच शहरी और उपनगरीय क्षेत्रों में अपने बागानों के लिए वैज्ञानिक प्रबंधन प्रथाओं के बारे में जागारुकता पैदा करने के लिए किया गया था। कोविड महामारी के संक्रमण से खुद को बचाने के लिए प्रतिरक्षा एक अंतर्निहित तंत्र है।
नाबार्ड के महाप्रबंधक वी. मशर समारोह में मुख्य अतिथि थे। उन्होंने वेबिनार को संबोधित करते हुए सुझाव दिया कि शहरी और उप नगरीय स्थानों में उपयुक्त माॅडल विकसित किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उत्पादकों को ऐसे सीमित क्षेत्रों से आय उत्पन्न करने में सक्षम बनाने के लिए उनकी आर्थिक उन्नति पर पर काम किया जा सकता है।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में संस्थान के निदेशक डाॅ. बी.ए. जेरार्ड ने इस आयोजन की प्रासंगिकता और समयबद्धता के बारे में जानकारी दी। तकनीकी सत्र में डाॅ. जी.आर. स्मिता ने देश में विकसित विभिन्न तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया जिसमे उध्र्वाधर खेती, छत की बागवानी, मिट्टी की कम संस्कृति, हाइड्ोपोनिक्स, माइक्रो-ग्रीन्स की खेती शामिल है। उन्होंने विभिन्न औषधीय जड़ी बुटियों, उनके कृषि संबंधी अभ्यासों, घर और घर के पीछे के उद्यानों के लिए कटाई और इसके देखभाल के बारे में जानकारी दी।
वैज्ञानिक डाॅ. अजीत अरुण वामन ने शहरी और उप नगरीय बागवानी के अवसरों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने देशी बागवानी विविधता, उच्च मूल्य वाली फसलों, गहन खेती की तकनीक,नर्सरी संचालन की संभावनाओं के बारे में बताया। उन्होंने सेक्टर की लाभप्रदता में सुधार के लिए शहरी बागवानी में शिक्षित युवाओं को शामिल करने का सुझाव दिया।
वेबिनार में अंडमान निकोबार द्वीपसमूह सहित आंध्रप्रदेश, असम, बिहार, गोवा, झारखंड, कर्नाटक, सहित सत्रह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने इसमें सक्रिय रुप से भाग लिया था।

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