मनीष के पंच से चित हुए वीआईपी,ए.के.ए. मि. अंडरस्टैंड

पोर्ट ब्लेयर। अंडमान तथा निकोबार द्वीपसमूह के एकमात्र रेसलर मनीष दुबे ने रेसलिग में एक बार फिर द्वीपसमूह का नाम रोशन किया है। शनिवार को पंजाब प्रांत के जालंधर में आयोजित सीडब्ल्यू वल्र्ड हैवीवेट चैंपियनशिप में सुपर वीआईपी एकेए मि. अंडरस्टैंड को हरा कर रिंग के विजेता बने है। 19 मिनट तक चले मुकाबले में वे अपने विपक्षी पर पहले ही राउंड से हावी नजर आए। मनीष दुबे ने हैवीवेट रेसलिंग में भी अपने दमखम का लोहा मनवा दिया है।
दक्षिण अंडमान जिले के सीपीघाट स्थित कालापत्थर गांव के रहने वाले मनीष दुबे एक मध्यम वर्गीय परिवार से संबंध रखते है। उनके पिता ब्रिजेंद्र दुबे किसान तथा माता राधा दूबे घरेलू महिला है। जवाहर लाल नेहरु राजकीय महाविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद मनीष ने रेसलिंग में अपना कैरियर बनाने में जुट गए।
हालांकि घरवाले उन्हे रेसलिंग में भेजने के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन बड़े भाई राहुल दुबे जो अंडमान तथा निकोबार पुलिस में है, उन्होंने मनीष का समर्थन किया तथा द ग्रेट खली से संपर्क किया।

14 अगस्त 2016 में खली ने मनीष का खेल के प्रति समर्पण भाव देखते हुए उसे अपनी सीडब्ल्यूई में मौका दिया तथा उसे प्रशिक्षित किया। सीडब्ल्यूई में भर्ती होने के दो माह बाद ही उन्हे मैच में खेलने का मौका मिला। अपने पहले ही मैच में बेहद कम अनुभव होने के बाद भी उन्होंने सीडब्ल्यूई के टैग टीम पंजाबी ऐक्सप्रेस को हराया था। इसके बाद से रेसलिंग में अपना लोहा मनवाना शुरु कर दिया है। अपने बेटे की कामयाबी पर माता-पिता के साथ-साथ सबसे अधिक उनके बड़े भाई को प्रसन्नता हो रही है।

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